भारत में IPO कैसे अप्लाई करें?
भारत में IPO आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होता है — ब्रोकर ऐप से UPI के ज़रिए या बैंक की नेट-बैंकिंग से ASBA के ज़रिए। दोनों में आपकी रकम अलॉटमेंट तक आपके ही खाते में ब्लॉक रहती है। यहाँ पूरा तरीका है — किसी ख़ास ब्रोकर का प्रचार नहीं।
एक नज़र में
| आवेदन का तरीका | ब्रोकर ऐप + UPI मैंडेट, या नेट-बैंकिंग ASBA |
|---|---|
| रिटेल श्रेणी | ₹2 लाख तक की बोली |
| UPI से अधिकतम | ₹5 लाख तक (व्यक्तिगत निवेशक) |
| रकम | अलॉटमेंट तक सिर्फ़ ब्लॉक, कटती नहीं |
| लिस्टिंग | इश्यू बंद होने के बाद T+3 कारोबारी दिन (1 दिसंबर 2023 से अनिवार्य) |
IPO आवेदन — 7 कदम
- 1
ज़रूरी खाते तैयार रखिए
अपने नाम पर डीमैट + ट्रेडिंग खाता, उसी PAN से जुड़ा बैंक खाता, और उस बैंक खाते से जुड़ी आपकी अपनी UPI ID।
- 2
IPO की जानकारी पढ़िए
खुलने-बंद होने की तारीख़, प्राइस बैंड, लॉट साइज़ (न्यूनतम कितने शेयर), और कंपनी का RHP (Red Herring Prospectus) — ख़ासकर जोखिम वाले हिस्से — ध्यान से पढ़िए।
- 3
ब्रोकर ऐप या नेट-बैंकिंग में IPO चुनिए
ब्रोकर ऐप के IPO सेक्शन में, या अपने बैंक की नेट-बैंकिंग के ASBA/IPO विकल्प में, खुला हुआ IPO चुनिए।
- 4
श्रेणी, लॉट और भाव भरिए
निवेशक श्रेणी चुनिए (₹2 लाख तक की बोली खुदरा/रिटेल श्रेणी में आती है), कितने लॉट चाहिए भरिए, और भाव डालिए या 'कट-ऑफ़ प्राइस' चुनिए।
- 5
UPI ID डालकर सबमिट कीजिए
ब्रोकर ऐप से आवेदन करने पर अपनी UPI ID डालिए। नेट-बैंकिंग ASBA में UPI की ज़रूरत नहीं — रकम सीधे आपके खाते में ब्लॉक होती है।
- 6
UPI ऐप में मैंडेट मंज़ूर कीजिए
कुछ समय में आपके UPI ऐप में 'मैंडेट' अनुरोध आएगा। विवरण जाँचकर UPI PIN से मंज़ूर कीजिए। IPO बंद होने के दिन की समय-सीमा से पहले मंज़ूरी ज़रूरी है, वरना आवेदन मान्य नहीं होगा।
- 7
अलॉटमेंट और लिस्टिंग का इंतज़ार कीजिए
रकम आपके खाते में ब्लॉक रहती है, कटती नहीं। IPO बंद होने (T) के बाद T+3 दिनों में लिस्टिंग होती है — शेयर मिले तो रकम कटकर शेयर डीमैट में आते हैं, न मिले तो ब्लॉक हटा दिया जाता है।
लिस्टिंग के बाद शेयर कैसे चलता है — पहले अभ्यास कीजिए
लिस्टिंग के बाद शेयर रोज़ के उतार-चढ़ाव, सर्किट और ख़बरों के असर से गुज़रता है। StockYatra पर वर्चुअल कॉइन्स से NSE शेयरों में अभ्यास कीजिए और समझिए कि स्टॉप-लॉस और पोज़िशन साइज़ कैसे काम आते हैं। StockYatra IPO आवेदन या भुगतान स्वीकार नहीं करता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
IPO में आवेदन के लिए क्या-क्या चाहिए?
PAN, डीमैट और ट्रेडिंग खाता, उसी नाम का बैंक खाता, और (ब्रोकर से आवेदन करने पर) उस बैंक खाते से जुड़ी अपनी UPI ID। नेट-बैंकिंग से सीधे ASBA आवेदन भी किया जा सकता है।
UPI से IPO में कितनी रकम तक आवेदन कर सकते हैं?
व्यक्तिगत निवेशक ₹5 लाख तक की बोली UPI से लगा सकते हैं। ₹2 लाख तक की बोली रिटेल श्रेणी में गिनी जाती है; ₹2 लाख से ₹5 लाख तक की बोली नॉन-इंस्टिट्यूशनल (NII) श्रेणी में जाती है।
ASBA क्या है?
ASBA (Applications Supported by Blocked Amount) में आवेदन की रकम आपके बैंक खाते में सिर्फ़ ब्लॉक होती है, कटती नहीं। शेयर अलॉट होने पर ही उतनी रकम कटती है, बाक़ी अनब्लॉक हो जाती है। ब्लॉक रहने तक उस रकम पर ब्याज भी मिलता रहता है।
कट-ऑफ़ प्राइस क्या है?
कट-ऑफ़ चुनने का मतलब है कि आप प्राइस बैंड के अंदर तय होने वाले अंतिम इश्यू प्राइस पर शेयर लेने को तैयार हैं। रिटेल निवेशक यह विकल्प चुन सकते हैं; ब्लॉक रकम ऊपरी भाव के हिसाब से होती है।
क्या एक IPO में एक से ज़्यादा आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। एक PAN से एक IPO में एक ही आवेदन मान्य है। एक से ज़्यादा आवेदन होने पर सभी रद्द हो सकते हैं।
IPO में शेयर मिलने की गारंटी है?
नहीं। ज़्यादा आवेदन (ओवरसब्सक्रिप्शन) होने पर रिटेल श्रेणी में आमतौर पर लॉटरी जैसी प्रक्रिया से अलॉटमेंट होता है। लिस्टिंग के दिन शेयर का भाव इश्यू प्राइस से नीचे भी जा सकता है।
स्रोत
इस पेज के तथ्य 6 अक्टूबर 2026 को नीचे दिए आधिकारिक स्रोतों से मिलाए गए थे। एक्सचेंज के नियम बदलते रहते हैं — असली फ़ैसले से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर जाँचें।
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