NSE और BSE क्या हैं?
भारत में शेयरों की ख़रीद-बिक्री मुख्य रूप से दो स्टॉक एक्सचेंजों पर होती है — NSE और BSE। दोनों SEBI के नियमों के तहत चलते हैं। जानिए इनमें क्या फ़र्क़ है और बाज़ार के बुनियादी नियम क्या हैं।
NSE बनाम BSE — एक नज़र में
| पूरा नाम | नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया · BSE लिमिटेड (पहले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) |
|---|---|
| स्थापना | NSE: 1992 (इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग 1994 से) · BSE: 1875 |
| मुख्य इंडेक्स | NSE: Nifty 50 (50 कंपनियाँ) · BSE: Sensex (30 कंपनियाँ) |
| नियामक | दोनों SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) के अधीन |
| सेटलमेंट | दोनों पर T+1 — ट्रेड के अगले कारोबारी दिन (27 January 2023 से सभी शेयरों पर) |
Nifty 50 और Sensex क्या बताते हैं
इंडेक्स कई बड़ी कंपनियों के शेयरों की एक टोकरी है, जिसका एक अंक पूरे बाज़ार का मूड बताता है। जब ख़बर आती है कि “Nifty 1% चढ़ा”, तो इसका मतलब है कि उन 50 बड़ी कंपनियों का कुल भारित मूल्य औसतन 1% बढ़ा — हर शेयर नहीं। Sensex यही काम BSE की 30 कंपनियों के लिए करता है।
बाज़ार का समय (IST)
| प्री-ओपन | 09:00–09:08 — ऑर्डर एंट्री; 09:08–09:15 ऑर्डर मिलान और बफ़र |
|---|---|
| सामान्य बाज़ार | 09:15–15:30 (नेपाल समय 09:30–15:45) |
| क्लोज़िंग ऑक्शन (3 अगस्त 2026 से) | 15:15–15:35 — जिन शेयरों में F&O होता है, उनमें लगातार कारोबार 15:15 पर रुकता है और समापन भाव 20 मिनट की नीलामी से तय होता है |
| दिन | सोमवार–शुक्रवार, एक्सचेंज की छुट्टियों को छोड़कर |
सर्किट: एक दिन में भाव कितना हिल सकता है
NSE ज़्यादातर शेयरों पर रोज़ की प्राइस बैंड लगाता है — 2%, 5%, 10%, 20%, पिछले बंद भाव से ऊपर या नीचे। जिन शेयरों में फ़्यूचर्स-ऑप्शंस होते हैं, उन पर कोई तय बैंड नहीं होती; उनकी जगह 10% से शुरू होने वाली ‘डायनेमिक’ बैंड होती है, जो ज़रूरत पड़ने पर चरणों में बढ़ाई जाती है।
पूरे बाज़ार के लिए मार्केट-वाइड सर्किट ब्रेकर भी है: Nifty 50 या Sensex के 10%, 15%, 20% हिलने पर देश भर में इक्विटी कारोबार कुछ समय के लिए (20% पर बाक़ी दिन के लिए) रुक जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
NSE क्या है?
NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया) मुंबई स्थित भारत का प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज है। इसकी स्थापना 1992 में हुई और 1994 में इसने भारत में स्क्रीन-आधारित इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग शुरू की। इसका मुख्य इंडेक्स Nifty 50 है।
BSE क्या है?
BSE (पहले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) 1875 में स्थापित एशिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज है। इसका मुख्य इंडेक्स Sensex है, जिसमें 30 बड़ी कंपनियाँ शामिल हैं।
NSE और BSE में से कहाँ ख़रीदें?
ज़्यादातर बड़ी कंपनियाँ दोनों पर लिस्ट होती हैं और दोनों पर भाव लगभग बराबर रहते हैं। आम निवेशक के लिए फ़र्क़ मुख्य रूप से लिक्विडिटी (कितना कारोबार होता है) का है; आपका ब्रोकर दोनों का विकल्प देता है। शेयर किसी भी एक्सचेंज से ख़रीदें, वे आपके एक ही डीमैट खाते में आते हैं।
भारतीय शेयर बाज़ार कब खुलता है?
सोमवार से शुक्रवार (छुट्टियों को छोड़कर) सामान्य कारोबार सुबह 09:15 से दोपहर 15:30 बजे IST तक होता है, और 09:00–09:08 प्री-ओपन सत्र होता है। नेपाल के समय में यह 09:30–15:45 है।
अपर सर्किट और लोअर सर्किट क्या है?
हर शेयर के लिए रोज़ की एक प्राइस बैंड होती है (2%, 5%, 10%, 20%)। भाव बैंड की ऊपरी सीमा छू ले तो 'अपर सर्किट' और निचली सीमा छू ले तो 'लोअर सर्किट' कहते हैं — उस दिन उससे आगे कारोबार नहीं होता।
क्या StockYatra पर दिखने वाले भाव NSE के असली भाव हैं?
नहीं। StockYatra के भाव हर कंपनी के असली दाम-स्तर के आस-पास सिम्युलेट किए जाते हैं, ताकि सीखने में बाज़ार जैसा अनुभव मिले। ये आधिकारिक NSE भाव नहीं हैं। StockYatra का NSE, BSE या SEBI से कोई संबंध नहीं है।
स्रोत
इस पेज के तथ्य 6 अक्टूबर 2026 को नीचे दिए आधिकारिक स्रोतों से मिलाए गए थे। एक्सचेंज के नियम बदलते रहते हैं — असली फ़ैसले से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर ज़रूर जाँचें।
आगे पढ़ें
StockYatra एक अभ्यास (प्रैक्टिस) सिम्युलेटर है। इसमें असली शेयर, करेंसी या पैसे का कोई लेन-देन नहीं होता, कॉइन्स की कोई नकद कीमत नहीं है, और यहाँ लिखी कोई भी बात निवेश सलाह नहीं है। StockYatra का NSE, BSE, SEBI, NYSE या Nasdaq से कोई संबंध नहीं है।
पहले अभ्यास, फिर असली पैसा
10,000 मुफ़्त प्रैक्टिस कॉइन्स पाइए और NSE (भारत), नेपाल और अमेरिकी शेयरों में लाइव-जैसे दामों पर बिना जोखिम ट्रेडिंग सीखिए।
ऐप डाउनलोड करें →