डीमैट खाता क्या है?
डीमैट खाता आपके शेयरों का इलेक्ट्रॉनिक लॉकर है। भारत में शेयर ख़रीदने, रखने या IPO में आवेदन करने के लिए यह ज़रूरी है। जानिए यह कैसे काम करता है और कैसे खुलता है।
डीमैट खाता कैसे काम करता है
पहले शेयर काग़ज़ के सर्टिफ़िकेट के रूप में मिलते थे, जो खो सकते थे, फट सकते थे या जाली हो सकते थे। डीमैट व्यवस्था में हर शेयर डिपॉज़िटरी (NSDL या CDSL) के रिकॉर्ड में आपके नाम दर्ज होता है। जब आप शेयर ख़रीदते हैं, तो सेटलमेंट के दिन (भारत में T+1, यानी ट्रेड के अगले कारोबारी दिन) शेयर आपके डीमैट में आ जाते हैं; बेचने पर निकल जाते हैं।
| बैंक खाता | पैसा रखता है — शेयर ख़रीदने का भुगतान यहीं से होता है। |
|---|---|
| ट्रेडिंग खाता | ब्रोकर के पास — इससे एक्सचेंज पर ख़रीद-बिक्री का ऑर्डर लगता है। |
| डीमैट खाता | DP के पास — ख़रीदे गए शेयर इलेक्ट्रॉनिक रूप में यहाँ रहते हैं। |
डीमैट खाता खोलने के लिए क्या चाहिए
- PAN कार्ड (अनिवार्य)
- पते का प्रमाण — आमतौर पर आधार
- बैंक खाते का प्रमाण — कैंसल चेक या बैंक स्टेटमेंट
- पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो और हस्ताक्षर
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर (ई-साइन के लिए)
ज़रूरी दस्तावेज़ DP के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं — खाता खोलने से पहले अपने DP की सूची देखिए।
डीमैट खाता कैसे खोलें — 5 कदम
- 1
एक SEBI-पंजीकृत डिपॉज़िटरी पार्टिसिपेंट (DP) चुनिए
बैंक या ब्रोकर — जो NSDL या CDSL का DP हो। शुल्क (खाता खोलना, सालाना रख-रखाव AMC, लेन-देन शुल्क) पहले से तुलना कीजिए।
- 2
ऑनलाइन फ़ॉर्म भरिए
नाम, मोबाइल, ईमेल, PAN और जन्मतिथि डालिए। ज़्यादातर DP पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कराते हैं।
- 3
e-KYC पूरा कीजिए
PAN, आधार (पते के प्रमाण के रूप में), बैंक खाते का प्रमाण (कैंसल चेक या स्टेटमेंट), फ़ोटो और हस्ताक्षर अपलोड कीजिए; आधार OTP से ई-साइन कीजिए। कई जगह छोटा वीडियो/इन-पर्सन वेरिफ़िकेशन भी होता है।
- 4
नॉमिनी जोड़िए
खाते में नॉमिनी जोड़ना या स्पष्ट रूप से मना करना ज़रूरी है — इससे भविष्य में परिवार को शेयर ट्रांसफ़र आसान रहता है।
- 5
BO ID पाइए
वेरिफ़िकेशन के बाद आपको 16 अंकों का BO ID (डीमैट खाता नंबर) और लॉग-इन मिलता है। अब आप शेयर रख सकते हैं और IPO में आवेदन कर सकते हैं।
डीमैट से पहले अभ्यास
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
डीमैट खाता क्या है?
डीमैट (डीमटीरियलाइज़्ड) खाता वह खाता है जिसमें आपके शेयर, म्यूचुअल फ़ंड यूनिट, बॉन्ड आदि इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखे जाते हैं — जैसे बैंक खाते में पैसा रहता है, वैसे ही डीमैट में शेयर रहते हैं।
डीमैट और ट्रेडिंग खाते में क्या अंतर है?
ट्रेडिंग खाते से आप एक्सचेंज पर ख़रीद-बिक्री का ऑर्डर लगाते हैं; डीमैट खाते में ख़रीदे गए शेयर जमा रहते हैं। शेयर ख़रीदने के लिए आमतौर पर दोनों चाहिए, और ज़्यादातर ब्रोकर दोनों साथ खोलते हैं।
NSDL और CDSL क्या हैं?
ये भारत की दो डिपॉज़िटरी हैं जहाँ सभी डीमैट होल्डिंग्स दर्ज रहती हैं। आप सीधे इनके पास नहीं, बल्कि इनके एजेंट — डिपॉज़िटरी पार्टिसिपेंट (बैंक या ब्रोकर) — के ज़रिए खाता खोलते हैं।
क्या एक से ज़्यादा डीमैट खाते रख सकते हैं?
हाँ, अलग-अलग DP के साथ एक से ज़्यादा डीमैट खाते रखे जा सकते हैं, सबका PAN एक ही होगा। पर एक ही IPO में एक PAN से केवल एक आवेदन मान्य होता है।
क्या पेपर ट्रेडिंग के लिए डीमैट खाता चाहिए?
नहीं। StockYatra जैसे पेपर-ट्रेडिंग ऐप पर वर्चुअल कॉइन्स से अभ्यास के लिए डीमैट, PAN या KYC की ज़रूरत नहीं है।
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